Take a fresh look at your lifestyle.

संसद: आधार और अन्‍य कानून (संशोधन) विधेयक 2019, राज्यसभा में पारित

आधार अब बैंक खाता, सिम के लिए नहीं होगा अनिवार्य।

सत्य संग्राम। आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2019 को संसद ने पारित कर दिया। राज्यसभा ने आज इसकी मंजूरी दी। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है।

आपको बता दें कि इस विधेयक का उद्देश्य लक्षित वित्तीय और अन्य रियायतों, लाभ तथा सेवाओं के लिए आधार अधिनियम 2016 में संशोधन और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 और धन शोधन निवारक अधिनियम 2002 में और संशोधन करना है।

संसद ने बैंक में खाता खोलने और मोबाइल फोन का सिम लेने के लिये ‘आधार को स्वैच्छिक बनाने संबंधी ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019 को सोमवार को मंजूरी प्रदान कर दी।

बता दें कि पूरा विश्‍व भारत के डेटा संरक्षण की ओर देख रहा है। भारत समावेशी देश है। भारत सुधारों और सशक्तिकरण का देश है इसलिए भारत का डेटा संरक्षण विश्‍व के लिए मार्गदर्शक होगा।

दअसहल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बिनॉय विश्वम ने भी विधेयक का विरोध किया। चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी के राजीव चंद्रशेखर और शिव प्रताप शुक्ल ने विधेयक का समर्थन किया।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार बहुत जल्द संसद में डेटा संरक्षण विधेयक पेश करेगी। उन्होंने कहा कि डेटा संरक्षण कानून और इससे संबंधित व्यापक कानून बनाए जाने के सिलसिले में दुनिया भारत की ओर देख रही है।

चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनुसिंघवी ने यह कहते हुए विधेयक का विरोध किया कि आधार का इस्तेमाल केवल सेवा और रियायत के लिए होना चाहिए और किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.