Take a fresh look at your lifestyle.

राज्य में मानसून में देरी, जुलाई के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद

चक्रवात 'वायु' के कारण मौसमी प्रभाव से कई जगह बारिश हो रही है।

सत्य संग्राम। राजस्थान में जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के आने की उम्मीद है। राजस्थान के अनेक हिस्सों में हुई मानसून से पहले की बारिश से मिली गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात ‘वायु’ के कारण बने मौसमी प्रभाव से यह बारिश हो रही है।

सरकार कृषि पर जलवायु परिवर्तन के दुषप्रभावों का पता लगाने के लिए कई तरह के अध्‍ययन करा रही है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्‍यसभा में एक लिखित उत्‍तर में बताया कि सरकार किसानों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि पर विपरित मौसम के प्रभाव को आंकने के लिए देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रों के जरिए अध्‍ययन कराया जा रहा है।

बीते चौबीस घंटे में राज्य में वनस्थली में 17.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी। इसके अलावा सवाई माधोपुर में सात मिमी, जयपुर में 4.1 मिमी, एरनपुरा में 2.0 मिमी और पिलानी में 1.1 मिमी बारिश दर्ज की गयी. गंगानगर तथा बाड़मेर जिलों से भी बारिश की खबरें हैं।

पिछले 12 सालों में इस साल मानसून के लिए लोगों को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ा। लेकिन बीते 4 दिनों में मानसून ने रफ्तार पकड़ी और 10 राज्यों तक पहुंच गया। 19 जून से मानसून ने तेज रफ्तार पकड़ी है और अब यह उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस सप्ताह कई और हिस्सों में भी बारिश के साथ राहत की उम्मीद की जा रही है। अगले 24 घंटे में मानसून के लखनऊ पहुंचने की उम्मीद है वहीं, मुंबई में बुधवार तक मानसून दस्तक दे सकता है।

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति धीमी रहने के कारण देश में 38 प्रतिशत बारिश कम हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार लंबी अवधि के 114 दशमवल दो मिलीमीटर औसत के मुकाबले इस साल मॉनसून के दौरान अब तक केवल 70 दशमलव नौ मिलीमीटर ही वर्षा हुई है।

उत्‍तर प्रदेश में राज्‍य के ज्‍यादतर पूर्वी हिस्‍सों में मॉनसून पहुंच चुका है। अगले 24 घंटे में इसके लखनऊ पहुंचने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल सरकार राज्‍य में जल की कमी के बारे में विचार- विमर्श करने के लिए आज एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक करेगी। मुख्‍य सचिव मलय डे की अध्‍यक्षता वाली बैठक में सिंचाई, नगर निगम, पंचायत और लोक स्‍वास्‍थ्‍य अभियांत्रिकी के सचिव उपस्थित रहेंगे। राज्‍य के बांकुरा, पुरुलिया और बर्दवान जिलों के कुछ हिस्‍से गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। मानसून देर से पहुंचने के कारण पश्चिम बंगाल में स्थिति बिगड़ गयी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.