Take a fresh look at your lifestyle.

राज्यसभा उपचुनाव, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह संख्या बल भी कांग्रेस के पक्ष में

सत्य संग्राम। राज्यसभा चुनावों में प्रत्याशी उतारे जाने का फैसला करने के लिए मंगलवार दोपहर प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई। विधायकों के इस मसले पर एक राय नहीं होने पर हाईकमान ने तय किया है। २६ अगस्त को राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव होगें।

आपको बता दें कि राज्यसभा उपचुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि भाजपा इस चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी के निधन के बाद यह सीट खाली हुई।

बता दें कि मंगलवार को हुई बैठक में भाजपा के कुछ विधायक प्रत्याशी उतारने तो कुछ विधायक प्रत्याशी नहीं उतारने के पक्ष मे थे। इस असमंजस से निकलने के लिए भाजपा प्रदेश ईकाई ने इसका फैसला केंद्रीय हाईकमान के हवाले कर दिया था।

सूत्रों के मुताबिक, विधायक वासुदेव देवनानी, किरण माहेश्वरी, रामलाल शर्मा, संजय शर्मा, धर्मनारायण जोशी, मदन दिलावर प्रत्याशी घोषित किए जाने के पक्ष में थे। चुनाव लड़ने के पीछे इनका तर्क यह था कि कांग्रेस को वाकओवर नहीं दिया जाना चाहिए और चुनाव लड़ने से लोगों के बीच मैसेज भी जाएगा।

आपको बता दें कि बैठक के 2 घंटे बाद केंद्रीय संगठन ने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला लिया। प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटाें में 9 भाजपा के पास है। एक सीट मदन लाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई है। विधानसभा सभा में अभी 200 में से 198 विधायक हैं। इनमें से बहुमत फिलहाल कांग्रेस के पक्ष में है। भाजपा औैर इसके सहयाेगी आरएलपी के पास मिलकर कुल 74 विधायक ही हैं।

बता दें कि विधायकों के इस मसले पर एक राय नहीं होने पर प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व पर इसका फैसला छोड़ दिया। केंद्रीय संगठन ने प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला लिया है। सात विधायक चाहते थे कि फैसला जल्दबाजी में न लें ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.