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यूजीसी ने छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश लेने के प्रति चेताया,  23 यूनिवर्सिटियों को किया अवैध घोषित

यूजीसी ने 23 यूनिवर्सिटियों की सूची जारी की है जिसमें 8 उत्‍तर प्रदेश की हैं।

सत्य संग्राम। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने २३ यूनिवर्सिटियों को अवैध घोषित कर दिया है। छात्र अगर  प्रवेश लेना चाहते है तो पहले इन विश्वविद्यालयों की सूची  देख ले।

आपको बचा दें कि  यूजीसी ने यूजीसी एक्ट का उल्लंघन कर संचालित हो रहे 23 ‘स्वयंभू’ और ‘गैरमान्यता प्राप्त’ विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। जो अवैध रूप से चल रही थी।

उच्च शिक्षा नियामक ने छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश लेने के खिलाफ आगाह किया है।  आयोग ने जिन विश्वविद्यालयों को अवैैध घोषित किया है उनकी सूची इस प्रकार है-

दिल्ली – कॉमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर- सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, आध्यात्मिक विश्वविद्यालय, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी।

उत्तर प्रदेश – वरानस्य संस्कृत विश्वविद्यालय (वाराणसी), गांधी हिंदी विद्यापीठ (वाराणसी), महिला ग्राम विद्यापीठ/विश्वविद्यालय (प्रयागराज), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी (कानपुर), नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनीवर्सिटी (अलीगढ़), उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय (मथुरा), महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय (प्रतापगढ़), इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद (नोएडा)।

बंगाल – इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन, इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च।

ओडिशा – नबभारत शिक्षा परिषद, नॉर्थ ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी।

बडगानवी सरकार व‌र्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसायटी (कर्नाटक), सेंट जॉन यूनिवर्सिटी (केरल), राजा अरबी यूनिवर्सिटी (महाराष्ट्र), श्री बोधि अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन (पुडुचेरी)।

आपको बता दें कि इनमें से आठ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में हैं। जबकि दिल्ली में सात फर्जी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पुडुचेरी में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय हैं।

बता दें कि यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने उपरोक्त जानकारी दी है। इन विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक आठ उत्तर प्रदेश में और सात दिल्ली में हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित भारतीय शिक्षा परिषद का मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है।

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