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मायावती का बड़ा फैसला, आनंद बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आकाश को मिली अहम जिम्मेदारी

बसपा की बैठक में, भाई को उपाध्यक्ष तो भतीजे को बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर

सत्य संग्राम। यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार को बहुजन समाज पार्टी की बैठक हुई जिसमें कई मुख्य बदलाव किए गए है। बसपा को लोकसभा चुनाव में कम सीटें मिलने से मायावती पार्टी में महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां में बदलाव करना चाहती है। इसी को देखते हुए वे अपनी पार्टी में बड़े बदलाव कर रही हैं।

इससे पहले जून के शुरुआती दिन में दिल्ली में हुई एक बैठक में बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्होंने छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारियों की छुट्टी कर दी थी। इसके साथ ही तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को भी उनके पद से बेदखल कर दिया था. मायावती के निशाने पर प्रदेश के 40 समन्वयक और जोनल समन्वयक हैं, जिनपर कार्रवाई हो रही है।

बसपा में संगठनिक स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। मायावती के भाई आनंद कुमार को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मायावती के भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर दो समन्वयक बनाए गए हैं। मौजूदा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम अब राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी संभालेंगे।दानिश अली को लोकसभा में बीएसपी का नेता बनाया गया है।

रविवार की बैठक में बीएसपी के तमाम नेताओं को बुलाया गया था. नेताओं के साथ बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने इन पदों पर फैसले लिए।इसके साथ ही जौनपुर से सांसद श्याम सिंह यादव लोकसभा में बीएसपी के उपनेता होंगे।जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र राज्यसभा में बीएसपी के नेता होंगे।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन के बावजूद बीएसपी मात्र 10 सीटें ही जीत सकी। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव से बीएसपी का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है। हालत यह हो गई कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी खाता भी नहीं खोल सकी थी। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी महज 19 सीटें ही जीत सकी थी। बसपा पार्टी में बदलाव कर नए सिरे से काम करना चाहती है।

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