Take a fresh look at your lifestyle.

गुजरात में पिछले सप्‍ताह सूरत में हुए भीषण अग्निकांड की प्रारम्भिक जांच में बिल्‍डरों की सामने आई खामियां, जानिए

भीषण अग्निकांड के बाद सूरत पुलिस ने कोचिंग क्लास संचालक भार्गव भूटानी को हिरासत में ले लिया है। इस अग्निकांड में 20 विद्यार्थियों की मौत हो गई थी।

सत्य संग्राम ।  गुजरात के सूरत शहर में 4 मंजिला व्यावसायिक परिसर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सूरत पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तीन लोगों में कॉम्प्लेक्स के बिल्डर हर्षल वेकरिया और जिग्नेश तथा कोचिंग सेंटर के मालिक भार्गव भूटानी शामिल हैं। इन तीनों पर जानबूझकर लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है। सूरत अग्निकांड जिस भवन में हुआ है उसकी तीसरी मंजिल अवैध थी क्योंकि यह एक डुप्लेक्स बिल्डिंग थी। इस भवन के ऊपर के मंजिलों पर जाने के लिए केवल लकड़ी की एक सीढ़ी थी, जो आग लगते ही जल गई।

गुजरात में पिछले सप्‍ताह सूरत में हुए भीषण अग्निकांड की प्रारम्भिक जांच में स्‍थानीय नगर निगम के अधिकारियों और बिल्‍डरों की कई खामियों का पता चला है। इस घटना में 22 छात्र मारे गए थे। प्रारम्भिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस भवन में कोचिंग कक्षाएं चल रही थी उनमें आग दुर्घटनाओं से बचाव के पर्याप्‍त प्रबंध नहीं किए गए थे।

बिल्‍डरों ने 2013 में भवन निर्माण की मंजूरी लेते समय तीन मंजिला कॉम्‍पलेक्‍स में चौथी मंजिल जोड़ने की जानकारी छिपाई थी। कॉम्‍पलेक्‍स में पहली और दूसरी मंजिल के बीच एयर कंडीशनर के कम्‍प्रेशर में स्‍पार्क के कारण आग लगी।

जांच में यह सामने आया है कि भवन में सिर्फ एक तरफ से प्रवेश करने और निकलने का रास्ता था, जबकि मंजिलों पर जाने के लिए लकड़ी की एक सीढ़ी थी। आग लगने पर लकड़ी की सीढ़ी जल गई, जिससे आग से बचने के लिए सीढ़ी से उतरने का ऑप्शन नहीं था। इसलिए विद्यार्थी जान बचाने के लिए छत से कूदने लगे। संदेह जताया जा रहा है कि आग या तो एयर कंडिशनर कंप्रेसर या किसी इलेक्ट्रिकल उपकरण से लगी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.